बेंगलुरु, 9 अक्टूबर, 2026: दिल्ली की केया बडुगू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आईजीयू बायो-जेन रोटरी दक्षिण भारत महिला एवं जूनियर बालिका गोल्फ चैंपियनशिप के महिला वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को बेंगलुरु के कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए) गोल्फ कोर्स में खेले गए रोमांचक प्लेऑफ में उन्होंने कोलकाता की अनाहत बिंद्रा को हराकर चैंपियनशिप जीती।
54 होल के मुकाबले के बाद केया और अनाहत, दोनों का कुल स्कोर एक-अंडर-पार 215 रहा। केया ने तीनों दौर में क्रमशः 73, 71 और 71 का स्कोर बनाया, जबकि अनाहत ने 70, 72 और 73 का स्कोर दर्ज किया। प्रिया कुमारी 75, 70 और 75 के स्कोर के साथ कुल 220 स्ट्रोक लेकर तीसरे स्थान पर रहीं।
तीन दिवसीय चैंपियनशिप में दोनों शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अनाहत ने पहले दौर में दो-अंडर-पार 70 का शानदार स्कोर बनाकर बढ़त हासिल की। इस दौर के बाद वह केया से तीन स्ट्रोक आगे थीं। दूसरे दौर में अनाहत ने इवन-पार 72 का स्कोर बनाकर अपनी बढ़त बरकरार रखी। वहीं, केया ने एक-अंडर-पार 71 का स्कोर बनाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और अंतिम दौर से पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच का अंतर घटाकर दो स्ट्रोक कर दिया।
चैंपियनशिप के अंतिम दौर में मुकाबले ने उस समय रोमांचक मोड़ ले लिया, जब केया ने अंतिम चार होल के दौरान शानदार वापसी की। शुरुआती 14 होल के बाद वह दिन के स्कोर में दो-ओवर-पार पर थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने 15वें, 16वें और 17वें होल पर लगातार तीन बर्डी लगाकर अपने स्कोर को एक-अंडर-पार तक पहुंचा दिया। अंतिम 18वें होल पर पार स्कोर बनाते हुए उन्होंने तीसरा दौर 71 स्ट्रोक में पूरा किया और चैंपियनशिप का अपना कुल स्कोर 215 पर पहुंचा दिया।
दूसरी ओर, पहले दो दौर तक बढ़त बनाए रखने वाली अनाहत ने अंतिम दौर में 73 का स्कोर बनाया। इस दौरान उन्होंने पहले और दसवें होल पर बर्डी लगाई। निर्धारित 54 होल के बाद दोनों खिलाड़ियों का कुल स्कोर एक-अंडर-पार 215 रहने के कारण विजेता का फैसला प्लेऑफ के माध्यम से किया गया। निर्णायक प्लेऑफ में केया ने बाजी मारते हुए महिला वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया।
आईजीयू बायो-जेन रोटरी दक्षिण भारत गोल्फ चैंपियनशिप, भारतीय गोल्फ संघ के राष्ट्रीय प्रतियोगिता कैलेंडर की एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है। देशभर की प्रमुख महिला शौकिया गोल्फ खिलाड़ियों और उभरती जूनियर प्रतिभाओं की भागीदारी वाली यह 54 होल की प्रतियोगिता खिलाड़ियों के कौशल, निरंतरता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को परखने का अवसर प्रदान करती है।
यह चैंपियनशिप भारत में महिला एवं जूनियर गोल्फ के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने, टूर्नामेंट का अनुभव प्राप्त करने और अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलता है। ऐसी प्रतियोगिताएं उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय शौकिया गोल्फ सहित उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने में भी सहायक होती हैं।
अंतरराष्ट्रीय शौकिया गोल्फ प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं केया ने इस चैंपियनशिप में शानदार धैर्य, दृढ़ संकल्प और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता का परिचय दिया। अंतिम दौर के निर्णायक क्षणों में लगातार तीन बर्डी लगाकर उन्होंने न केवल दो स्ट्रोक की कमी को पूरा किया, बल्कि मुकाबले को प्लेऑफ तक पहुंचाने में भी सफलता हासिल की। यह खिताब उनके गोल्फ करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
54 होल के कड़े मुकाबले के बाद हासिल की गई यह जीत राष्ट्रीय शौकिया गोल्फ सर्किट पर केया के बढ़ते अनुभव और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाती है। साथ ही, यह उपलब्धि भारत में महिला गोल्फ को आगे बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में ऐसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के महत्व को भी रेखांकित करती है।







