उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्याज के बफर स्टॉक को रेल और सड़क के संयुक्त मॉडल से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक भेजने की जानकारी दी है। 24 अगस्त से नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से आपूर्ति शुरू हुई। पहली कांदा एक्सप्रेस 450 मीट्रिक टन प्याज के साथ दिल्ली पहुंची और दूसरी 840 मीट्रिक टन खेप चेन्नई पहुंची।
सरकारी सूचना के अनुसार करीब 1,000 मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से भेजा जा रहा था और 30 से अधिक ट्रक 19 शहरों के लिए लगाए गए। सूची में शिमला के साथ दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, अमृतसर, चंडीगढ़ और अन्य शहर शामिल थे। एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो खुदरा बिक्री का उल्लेख किया गया।
बफर आपूर्ति का उद्देश्य उपलब्धता बढ़ाकर मौसमी मूल्य दबाव कम करना है, लेकिन हर बाजार में कीमत समान रहने की गारंटी नहीं दी गई। परिवहन समय, स्थानीय मांग, खुदरा केंद्रों की संख्या और गुणवत्ता से वास्तविक असर बदलेगा। पाठकों को बिक्री स्थल और उपलब्धता की पुष्टि संबंधित एजेंसी के ताजा स्थानीय नोटिस से करनी चाहिए।
शिमला तक सड़क खेप भेजे जाने का उल्लेख हिमाचल के उपभोक्ताओं के लिए सीधा महत्व रखता है, पर स्रोत जिला-वार मात्रा या बिक्री केंद्रों की सूची नहीं देता। राज्य में पहाड़ी परिवहन और खराब मौसम आपूर्ति समय प्रभावित कर सकते हैं। चित्र वास्तविक कांदा एक्सप्रेस या शिमला खेप नहीं, रेल और ट्रक से प्याज वितरण का प्रतिनिधि दृश्य है।







