दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्रों ने प्रशिक्षुओं और पूर्व विद्यार्थियों के हस्तनिर्मित उत्पादों का दिवाली मेला आयोजित किया। दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, देहरादून, भुवनेश्वर, कोलकाता और मुंबई के केंद्र इसमें शामिल हुए।

प्रदर्शनी में जूट और कपड़े के बैग, मोमबत्तियां, पेंटिंग, साबुन, क्रोशिया, वस्त्र, कढ़ाई, लकड़ी का काम और सजावटी उत्पाद रखे गए। इन वस्तुओं में पारंपरिक शिल्प और केंद्रों में दिए आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण दोनों की झलक मिली।

स्टॉलों ने प्रतिभागियों को ग्राहकों से सीधे संवाद, प्रतिक्रिया, बिक्री और स्वरोजगार की संभावनाएं समझने का अवसर दिया। श्रम मंत्रालय ने कौशल, सम्मानजनक काम और आर्थिक स्वतंत्रता को ऐसे आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य बताया।