प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों ने संसद भवन परिसर में आयोजित BRICS संसदीय मंच के सांस्कृतिक बाजार में भाग लिया। 26 और 27 अक्तूबर के आयोजन में पारंपरिक उत्पाद और स्वदेशी कौशल प्रदर्शित किए गए।

सांस्कृतिक बाजार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने भारत की शिल्प विविधता रखने का मंच दिया। यहां कारीगरों द्वारा बनाए उत्पादों के साथ उन समुदायों की भूमिका भी सामने आई जो पारंपरिक कलाओं को पीढ़ियों से सहेज रहे हैं।

आधिकारिक विवरण के अनुसार BRICS प्रतिनिधियों ने विश्वकर्मा कारीगरों के उत्पादों की सराहना की। ऐसे मंच शिल्पकारों को नए खरीदारों और बाजारों से जोड़ने के साथ सांस्कृतिक विरासत की पहचान मजबूत करते हैं।